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Monday, June 14, 2021

मुस्लिम लड़की रजस्वला के बाद किसी से भी शादी कर सकती है : पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक नवदंपति के सुरक्षा के मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत मुस्लिम लड़की रजस्वला यानी करीब 15 वर्ष की उम्र के बाद किसी से भी शादी कर सकती है.

यह मामला मोहाली के एक नवदंपति का था. यहां 17 साल की एक मुस्लिम युवती ने 36 साल के एक युवक से निकाह किया था. इस दंपति के परिजन लड़की की उम्र छोटी बताते हुए विवाह के खिलाफ थे. जब सुरक्षा की मांग को लेकर यह दंपति हाईकोर्ट पहुंचा तो वहां उनकी शादी को जायज करार दिया गया.

हाई कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और विभिन्न अदालतों के निर्णयों के मद्देनजर यह कहा कि मुस्लिम लड़की 18 साल से कम उम्र में भी शादी कर सकती है. यह फैसला हाईकोर्ट की जस्टिस अलका सरीन ने सुनवाया.

क्या है मामला

इस दंपति ने 21 जनवरी को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार निकाह कर लिया था. उम्र का तालमेल न होने के कारण दोनों के ही परिजन और रिश्तेदार इस शादी को लेकर नाखुश थे, जिससे यह दंपति असुरक्षित महसूस कर रहा था. सुरक्षा की मांग को लेकर दोनों ने मोहाली एसएसपी को एक शिकायत पत्र लिखा था. जब इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जहां पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि लड़की 18 साल से कम उम्र में भी शादी कर सकती है.

वकील की दलील

याची पक्ष की दलील थी कि मुस्लिम कानून में रजस्वला (Puberty) के बाद विवाह का प्रावधान है. मुस्लिम धर्म में 15 वर्ष की लड़की को युवा माना जाता है. लड़की या लड़का शादी के लिए इस उम्र में योग्य माने जाते हैं.

हाईकोर्ट ने सर डी. फरदुनजी मुल्ला की पुस्तक प्रिंसिपल्स आफ मोहम्मडन ला का हवाला देते हुए यह माना कि एक मुस्लिम लड़का या लड़की, जो युवा हो चुके हों, वे किसी से भी अपनी पंसद के मुताबिक शादी कर सकते हैं. दोनों के परिजनों व रिश्तेदारों को भी इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है.

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